कीव. यूक्रेन में रविवार देर रात राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए गए। कॉमेडियन वोलोडाइमिर जेलेंस्की (41) ने 73% वोटों के साथ जीत दर्ज की। जेलेंस्की इससे पहले किसी भी सरकारी पद पर नहीं रहे हैं। उन्होंने टीवी शो ‘सर्वेंट ऑफ द पीपुल’ में ऐसे टीचर का किरदार निभाया था, जिसका भ्रष्टाचार के विरोध में दिया भाषण वायरल हो जाता है और फिर वह देश का राष्ट्रपति बनता है।
पोरोशेंको ने कबूल की हार
एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद राष्ट्रपति पोत्रो पोरोशेंको ने अपनी हार कबूल की। हालांकि, जेलेंस्की ने नतीजों के बाद किसी स्टेडियम या हॉल के बजाय कीव में एक बार से अपनी जीत का ऐलान किया। इस दौरान बार में सैकड़ों लोग मौजूद थे।
पूर्व राष्ट्रपति को भी दे सकते हैं कैबिनेट में जगह
जीत के बाद पत्रकारों से बातचीत में जेलेंस्की ने बताया कि अभी वह आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति नहीं बने हैं, लेकिन पद ग्रहण करने के बाद वह यूरोप के सबसे गरीब देशों में शुमार यूक्रेन को बदलने जा रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि पुरानी सरकार और राष्ट्रपति का उनके कार्यकाल में क्या किरदार रहेगा, तो उन्होंने कहा कि मैं समाज से पूछने के बाद इस पर फैसला करूंगा। शायद मेरी कैबिनेट में उनके लिए भी कोई पद हो।
कौन हैं वोलोडाइमिर जेलेंस्की?
स्थानीय मीडिया जेलेंस्की को ‘यूक्रेन का डोनाल्ड ट्रम्प' करार देती है। उनका जन्म एक यहूदी वैज्ञानिक परिवार में हुआ था। अपने चुनाव अभियान में ज्यादातर समय जेलेंस्की ने देश में फैले भ्रष्टाचार और रूस सीमा पर स्थित अलगाववादियों का मुद्दा उठाया था। टीवी किरदार में भी उन्हें भ्रष्टाचार से लड़ने वाले राष्ट्रपति के तौर पर दिखाया गया। इससे लोगों पर उनके अभियान का काफी असर पड़ा।
मुंबई/ जयपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को महाराष्ट्र के नासिक में चुनावी रैली को संबोधित किया। मोदी ने कहा कि अब कोई भी भारत को आंख दिखाने से पहले 100 बार सोचता है। उन्होंने कहा- हमने आतंकी फैक्ट्री में घुसकर उसे खत्म कर दिया। अब आतंक सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक ही सिमट गया है। आतंकियों को पता है कि अगर बम धमाका किया तो मोदी पाताल से भी निकालकर खत्म कर देगा।
उन्होंने कहा, ‘‘देश में एक ऐसी जमात भी है, जो एक दिन सरकार बनाती है और दूसरे दिन गिरा देती है। मैं जब 2014 में पहली बार चुनाव लड़ रहा था, तब उन्होंने मुझसे कहा था कि विदेश नीति कैसे संभालोगे? तब मैंने कहा था कि हम दुनिया के साथ न आंख नीची करके बात करेंगे और न ही आंख उठाकर बात करेंगे। हम तो आंख में आंख मिलाकर बात करेंगे।’’
'श्रीलंका में नर राक्षसों ने खूनी खेल खेला'
मोदी ने कहा, ‘‘ईस्टर के दिन जब श्रीलंका में लोग शांति का संदेश दे रहे थे, तब नर राक्षसों ने आकर खूनी खेल खेला। मेरी सरकार से पहले भारत में भी कई जगह बम धमाके होते थे और तब यहां कांग्रेस और एनसीपी की सरकार थी। वे धमाके के बाद सिर्फ श्रध्दांजलि सभाएं करते थे। तब सरकार रोती थी कि पाकिस्तान हमारे देश में आकर ऐसा करता है, वैसा करता है। अब आपके इस चौकीदार ने कांग्रेस-एनसीपी का यह डर खत्म कर दिया।’’
Monday, April 22, 2019
Tuesday, April 16, 2019
सरकार ने गूगल, एपल से कहा- ऐप स्टोर से हटाएं टिकटॉक, 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
गैजेट डेस्क. भारत सरकार ने गूगल और एपल को अपने प्ले स्टोर से टिकटॉक एप्लिकेशन हटाने के लिए कहा है। सरकार के इस आदेश के बाद और लोग ऐप को डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। लेकिन, वे लोग जिनके पास ऐप पहले से डाउनलोड किया हुआ है, वे टिकटॉक का इस्तेमाल कर सकेंगे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को दिए गए आदेश के बाद उठाया है। टिक टॉक के मालिकाना हक वाली कंपनी बाइट डांस ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कंपनी पक्ष की गैरमौजूदगी में ऐप बैन करने का एकतरफा फैसला सुनाया है। इसे आधार बनाकर कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की याचिका दी थी, जो सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने टिकटॉक के डाउनलोड पर लगाई थी रोक
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 3 अप्रैल को एक आदेश पारित कर सरकार को देश में टिकटॉक के डाउनलोड पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट का तर्क था कि टिकटॉक ऐप से पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिलता है। इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया था। जहां रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को कहा कि मद्रास हाईकोर्ट का आदेश सिर्फ अंतरिम आदेश है और मामला अभी विचाराधीन है। इस मामले पर मद्रास हाईकोर्ट 16 अप्रैल और सुप्रीम कोर्ट 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
थर्ड पार्टी कंटेट की जिम्मेदारी हमारी नहीं- कंपनी
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, टिकटॉक ने आदेश को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया है और बैन को लेकर कोई कमेंट नहीं किया है। टिकटॉक ने कहा कि उसे थर्ड पार्टी द्वारा अपलोड किए गए कंटेट के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत है। कंपनी ने जुलाई 2018 से अब तक 60 लाख से ज्यादा ऐसे वीडियो अपने प्लेटफॉर्म से हटाए हैं, जो कंपनी की गाइडलाइन्स का पालन नहीं करते।
बैन होने से पहले जुड़े 9 करोड़ नए भारतीय यूजर्स
टिकटॉक ऐप को म्यूजिकली नाम से लॉन्च किया था, बाद में इसका नाम बदलकर टिकटॉक कर दिया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 के शुरुआती तीन महीनों में टिकटॉक प्लेटफॉर्म पर 9 करोड़ नए भारतीय यूजर जुड़े हैं। वहीं ऐप को दुनियाभर में करीब 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।
वीडियो बनाते समय हुई थी युवक की मौत
दिल्ली में टिक टॉक वीडियो बनाते समय एक युवक की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन दोस्त टिक टॉक वीडियो बना रहे थे, तभी उनमें से एक ने असली पिस्तौल निकाली। वीडियो बनाते हुए पिस्तौल से गोली चल गई जो 19 वर्षीय युवक को जाकर लगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोमवार को दिए गए आदेश के बाद उठाया है। टिक टॉक के मालिकाना हक वाली कंपनी बाइट डांस ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कंपनी पक्ष की गैरमौजूदगी में ऐप बैन करने का एकतरफा फैसला सुनाया है। इसे आधार बनाकर कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की याचिका दी थी, जो सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने टिकटॉक के डाउनलोड पर लगाई थी रोक
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने 3 अप्रैल को एक आदेश पारित कर सरकार को देश में टिकटॉक के डाउनलोड पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट का तर्क था कि टिकटॉक ऐप से पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिलता है। इसके बाद मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाया गया था। जहां रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने सोमवार को कहा कि मद्रास हाईकोर्ट का आदेश सिर्फ अंतरिम आदेश है और मामला अभी विचाराधीन है। इस मामले पर मद्रास हाईकोर्ट 16 अप्रैल और सुप्रीम कोर्ट 22 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
थर्ड पार्टी कंटेट की जिम्मेदारी हमारी नहीं- कंपनी
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, टिकटॉक ने आदेश को अपमानजनक, भेदभावपूर्ण और मनमाना बताया है और बैन को लेकर कोई कमेंट नहीं किया है। टिकटॉक ने कहा कि उसे थर्ड पार्टी द्वारा अपलोड किए गए कंटेट के लिए जिम्मेदार ठहराना गलत है। कंपनी ने जुलाई 2018 से अब तक 60 लाख से ज्यादा ऐसे वीडियो अपने प्लेटफॉर्म से हटाए हैं, जो कंपनी की गाइडलाइन्स का पालन नहीं करते।
बैन होने से पहले जुड़े 9 करोड़ नए भारतीय यूजर्स
टिकटॉक ऐप को म्यूजिकली नाम से लॉन्च किया था, बाद में इसका नाम बदलकर टिकटॉक कर दिया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार 2019 के शुरुआती तीन महीनों में टिकटॉक प्लेटफॉर्म पर 9 करोड़ नए भारतीय यूजर जुड़े हैं। वहीं ऐप को दुनियाभर में करीब 100 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।
वीडियो बनाते समय हुई थी युवक की मौत
दिल्ली में टिक टॉक वीडियो बनाते समय एक युवक की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तीन दोस्त टिक टॉक वीडियो बना रहे थे, तभी उनमें से एक ने असली पिस्तौल निकाली। वीडियो बनाते हुए पिस्तौल से गोली चल गई जो 19 वर्षीय युवक को जाकर लगी।
Tuesday, April 9, 2019
美国国土安全部长辞职:或预示边境政策将修正
美国国土安全部部长基尔斯滕·尼尔森(Kirstjen Nielsen)在周日(4月7日)宣布辞职。她在任内执行了美国总统特朗普推行的其中一些备受争议的边境政策。
尼尔森表示,在国土安全部任职是“一生的光荣”。
美国总统特朗普在推特(Twitter)上发帖表示,她的职位会暂时由美国海关和边境保护局(CBP)局长凯文·麦卡利南(Kevin McAleenan)代理。
尼尔森在任内实施了建边境墙和导致移民家庭被拆散的政策。
七张图看懂特朗普的边境墙争议
独家对话布鲁金斯学会副主席:从我家到全美的嘴仗,美国政治为何更分裂
她在辞职信中未有解释离职的原因,但表示现在“我是时候退出了”,同时还说,美国“现在比我加入本届政府时更安全”。
特朗普最近曾威胁说要关闭边境,之后又承诺,给墨西哥一年时间,停止让毒品和移民越过边境进入美国。
克尔斯滕·尼尔森其人
尼尔森在2017年1月加入特朗普政府团队,当时她的身份是前国土安全部长约翰·凯利(John Kelly)的助理。
后来凯利进入白宫担任幕僚长时,她又成为凯利的副手,但后来在同一年回到国土安全部,担任部长。
尼尔森曾极力捍卫特朗普的边境政策,包括将儿童关在铁笼里。这些政策受到强烈的遣责,并在国会受到民主党人的强烈质疑。
美国若关闭美墨边界 会有哪些后果
绿皮书:恍若隔世的美国非裔旅行指南
2018年6月,尼尔森在华盛顿特区的一家墨西哥餐厅就餐时,抗议者向她发出了嘘声。
但是她对示威不以为然,在推特上表示,她会“不遗余力地工作”,修正这个“破败的移民体系”。
她被指与特朗普关系不佳,不过在公开场合,她显示对特朗普政府相当忠诚。
边境政策收紧的前奏?
-BBC驻北美资深记者安东尼·泽克尔(Anthony Zurcher)分析
据报道,克尔斯滕·尼尔森近一年多时间里在特朗普政府内部如履薄冰。她最亲近的盟友、前白宫幕僚长凯利在去年12月离开白宫。现在,随着一年一度的春季回暖,她脚下的那层冰终于破裂了。
又或者,国土安全部长只不过是到达她能力的极限。真实的故事将要等到最后无可避免的爆料,以及内部人士的讲述,这些信息每当特朗普进行内部人士变动时都会被广泛流传的。
不过,似乎明显的是,白宫内部背后有冲突在发生,伴随的是总统对移民问题越来越激烈的言论。
就在两天前,特朗普撤回了原本对罗纳德·维蒂洛(Ronald Vitiello)领导美国移民和海关执法局(Immigration and Customs Enforcement)的提名,因为总统说,他想要走“更强硬的方向”。
现在,他的国土安全部长——一个他曾认为不够激进的人——也走了。
尼尔森的名字将会永远与特朗普政府拆散移民家庭的边境政策联系在一起,去年这一政策导致两党激烈的争论。总统最终在那次对抗中退缩了,但是这些最近的行动显示,在边境安全问题上更具对抗性的做法将肯定会到来。
各方回应
民主党人已经对尼尔森的离职发表评论。其中马萨诸塞州参议员艾德·马基(Ed Markey)就表示,她的离职“来晚了很多”。
不过,他表示“这场确保特朗普不再侵害移民群体的斗争还远未结束”。
共和党参议员琳赛·格拉姆(Lindsey Graham)则赞扬尼尔森“尽最大努力去改变一个破败的移民体系和一个破败的国会”。
特朗普则坚称,南方边境的状况是一个危机,并已宣布国家紧急状态,绕过国会为他的边境墙项目拨出资金。
尼尔森表示,在国土安全部任职是“一生的光荣”。
美国总统特朗普在推特(Twitter)上发帖表示,她的职位会暂时由美国海关和边境保护局(CBP)局长凯文·麦卡利南(Kevin McAleenan)代理。
尼尔森在任内实施了建边境墙和导致移民家庭被拆散的政策。
七张图看懂特朗普的边境墙争议
独家对话布鲁金斯学会副主席:从我家到全美的嘴仗,美国政治为何更分裂
她在辞职信中未有解释离职的原因,但表示现在“我是时候退出了”,同时还说,美国“现在比我加入本届政府时更安全”。
特朗普最近曾威胁说要关闭边境,之后又承诺,给墨西哥一年时间,停止让毒品和移民越过边境进入美国。
克尔斯滕·尼尔森其人
尼尔森在2017年1月加入特朗普政府团队,当时她的身份是前国土安全部长约翰·凯利(John Kelly)的助理。
后来凯利进入白宫担任幕僚长时,她又成为凯利的副手,但后来在同一年回到国土安全部,担任部长。
尼尔森曾极力捍卫特朗普的边境政策,包括将儿童关在铁笼里。这些政策受到强烈的遣责,并在国会受到民主党人的强烈质疑。
美国若关闭美墨边界 会有哪些后果
绿皮书:恍若隔世的美国非裔旅行指南
2018年6月,尼尔森在华盛顿特区的一家墨西哥餐厅就餐时,抗议者向她发出了嘘声。
但是她对示威不以为然,在推特上表示,她会“不遗余力地工作”,修正这个“破败的移民体系”。
她被指与特朗普关系不佳,不过在公开场合,她显示对特朗普政府相当忠诚。
边境政策收紧的前奏?
-BBC驻北美资深记者安东尼·泽克尔(Anthony Zurcher)分析
据报道,克尔斯滕·尼尔森近一年多时间里在特朗普政府内部如履薄冰。她最亲近的盟友、前白宫幕僚长凯利在去年12月离开白宫。现在,随着一年一度的春季回暖,她脚下的那层冰终于破裂了。
又或者,国土安全部长只不过是到达她能力的极限。真实的故事将要等到最后无可避免的爆料,以及内部人士的讲述,这些信息每当特朗普进行内部人士变动时都会被广泛流传的。
不过,似乎明显的是,白宫内部背后有冲突在发生,伴随的是总统对移民问题越来越激烈的言论。
就在两天前,特朗普撤回了原本对罗纳德·维蒂洛(Ronald Vitiello)领导美国移民和海关执法局(Immigration and Customs Enforcement)的提名,因为总统说,他想要走“更强硬的方向”。
现在,他的国土安全部长——一个他曾认为不够激进的人——也走了。
尼尔森的名字将会永远与特朗普政府拆散移民家庭的边境政策联系在一起,去年这一政策导致两党激烈的争论。总统最终在那次对抗中退缩了,但是这些最近的行动显示,在边境安全问题上更具对抗性的做法将肯定会到来。
各方回应
民主党人已经对尼尔森的离职发表评论。其中马萨诸塞州参议员艾德·马基(Ed Markey)就表示,她的离职“来晚了很多”。
不过,他表示“这场确保特朗普不再侵害移民群体的斗争还远未结束”。
共和党参议员琳赛·格拉姆(Lindsey Graham)则赞扬尼尔森“尽最大努力去改变一个破败的移民体系和一个破败的国会”。
特朗普则坚称,南方边境的状况是一个危机,并已宣布国家紧急状态,绕过国会为他的边境墙项目拨出资金。
Monday, April 1, 2019
जेटली ने कांग्रेस के न्यूनतम आय ऐलान पर कहा- आम आदमी धोखे में नहीं आएगा
वित्तमंत्री अरुण जेटली का दावा है कि नौकरियां घटने के आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा- मोदी सरकार की तीन बड़ी उपलब्धियां हैं, पहली- सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था। दूसरी- ईमानदार सरकार। तीसरी- बिना किसी आंदोलन के सरकार चलना। आज ट्रेड यूनियन भी हड़ताल करवाती है तो लोग उसमें शामिल नहीं होते। क्योंकि लोगों को अच्छी सुविधाएं और साधन मिल रहे हैं। पढ़िए जेटली से भास्कर के संपादक आनंद पांडे की बातचीत के प्रमुख अंश...
सवाल : रोजगार बड़ा मुद्दा है। एनएसएसओ रिपोर्ट कह रही है कि बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे ज्यादा है।
जवाब : एनएसएसओ की रिपोर्ट आई ही नहीं है। उसके कुछ अंश हैं। इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करने वाले जो 108 अर्थशास्त्री थे, वो राजनीतिज्ञ ज्यादा थे। आप तथ्यों पर आइए। अगर 17 करोड़ लोगों ने मुद्रा स्कीम में लोन लिया, 10 हजार किमी हाईवे हर साल बन रहे हैं, अर्थव्यवस्था सबसे तेज है तो क्या यह सब बिना जॉब क्रिएशन के हो रहा है? जमीनी हकीकत देखिए। राजनीति उस पर चलती है, मोटीवेटेड बयानों पर नहीं।
सवाल : तो आपका मतलब है कि रोजगार मुद्दा नहीं है?
जवाब : ये जो डेटा क्वेश्चन होता है न...कौन डेटा इकट्ठा कर रहा है? उसका स्लांट क्या है? आप किसी किसान परिवार के तीन भाइयों से पूछेंगे कि क्या आपके पास रोजगार है तो वो कहेंगे नहीं है। पर जब उनसे पूछेंगे कि जीने के तमाम साधन हैं तो वे कहेंगे हां। दोनों सवालों का डेटा अलग-अलग होगा।
सवाल : रघुराम राजन ने कहा है कि जीडीपी ग्रोथ 7% नहीं हो सकती, क्योंकि रोजगार पैदा नहीं हुए।
जवाब : हमारी सरकार का डेटा ऑथेंटिक है। इसे आईएमएफ भी मानता है, जो मदर ऑफ ऑल डेटा है। कुछ लोगों के अपने-अपने व्यक्तिगत मोटिव्स हो सकते हैं।
सवाल : कांग्रेस को भरोसा है कि उसकी न्यूनतम आय वाली स्कीम गेम चेंजर साबित होने जा रही है।
जवाब : वो है न- दिल खुश करने के लिए गालिब ये ख्याल अच्छा है। नेहरू-गांधी परिवार ने गरीबी के नाम पर सिर्फ राजनीति की है। गरीबी हटाने के लिए असल में मोदी सरकार ने ही काम किया है। मैं इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हूं। कांग्रेस ने राज्यों में किसानों को कर्जमाफी का वादा किया, लेकिन निभाया नहीं। हमने गरीब को साधन दिए हैं।
सवाल : विपक्ष का आरोप है कि पीएम प्रचार मंत्री हो गए हैं। सेना या डीआरडीओ कुछ करे तो पीएम बताते हैं?
जवाब : ये लोग (विपक्ष) मोदी जी के सामने बौने हैं। सर्जिकल स्ट्राइक की ब्रीफिंग आर्मी और एयर स्ट्राइक की ब्रीफिंग विदेश सचिव ने की थी। पीएम ने (ए-सैट) का अनाउंसमेंट किया, क्योंकि इसमें देश का बहुत बड़ा राजनीतिक और डिप्लोमेटिक एफर्ट था कि हम दुनिया को बताएं कि अब भारत की ओर मत देखो। यह ऐलान ज्वाइंट सेक्रेटरी नहीं कर सकता था।
सवाल : एक रिपोर्ट है, जिसके मुताबिक जिस देश में जीएसटी लागू हुआ वहां सरकार चुनाव हार गई।
जवाब : यह वैज्ञानिक तर्क नहीं है। जीएसटी वो तंत्र है, जिसने हिंदुस्तान के डेढ़ साल में 20% इनडायरेक्ट टैक्स कम किए। 90% व्यापारियों को जीएसटी से मुक्त कर दिया।
राजनीतिक पंडित गलत साबित होंगे, क्योंकि वोट गणित नहीं कैमिस्ट्री पर पड़ते हैं |
सवाल : मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और यूपी में भाजपा चोटी पर है। निश्चित तौर पर सीटें कम होनी हैं। उस नुकसान की भरपाई कहां से होगी?
जवाब : 2014 ने आप जैसे पॉलिटिकल पंडितों को गलत साबित किया था। इस बार उससे ज्यादा गलत साबित करेंगे। पूरा पूर्वोत्तर, पूरा बंगाल, पूरा ओडिशा बदलाव करने जा रहा है। दक्षिण में भी हमारे गठबंधन हुए हैं, वहां देखिए जमीनी हालात कितने अलग हैं।
सवाल : मतलब यह कि हिंदी पट्टी के राज्यों का नुकसान इन राज्यों से पूरा हो जाएगा?
जवाब : देखिए, आप गणित में जा रहे हैं। पूरा हिंदुस्तान बदल गया है। हमारे यहां वोट केमेस्ट्री पर पड़ता है, गणित पर नहीं। पिछली बार हमें किसी ने 220 से ज्यादा सीटें नहीं दी थीं। क्योंकि आप लोग गणित लगाते हैं, जबकि मैं कहता हूं कि गणित नहीं केमेस्ट्री देखिए।
सवाल : रफाल मुद्दे पर बार-बार गफलत क्यों हो रही है? पहले सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि गलत हलफनामा दे दिया है। फिर दस्तावेज चोरी की बात कही, फिर उससे सरकार पलट गई। क्यों?
जवाब : वो सरकार की गलती नहीं थी...मीडिया की समझ में गलती थी। सरकार ने कोई गलत हलफनामा नहीं दिया। जजमेंट में कोई टायपोग्राफिकल एरर हो गया तो सरकार ने कहा- इसे सही कर लो। जब कोई तर्क नहीं बचा तो कहा जाने लगा कि सरकार ने गलत हलफनामा दिया था। एटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में कहा कि फाइल से फोटो कॉपी लेकर आ गए। कानून की भाषा में इसे स्टोलन डाॅक्यू्मेंट्स ही कहते हैं। अब हमारा मीडिया इतना महारथी है कि उसने कहा कि फाइल गायब हो गई। क्योंकि, ब्रेकिंग न्यूज की परपंरा के बाद न्यूज का ही ब्रेक डाउन हो गया है।
सवाल : जेपीसी जांच की मांग क्यों ठुकरा दी?
जवाब : जेपीसी पॉलिटिकल बॉडी है। वो पॉलिसी इश्यूज में जा सकती है। सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दे में ऐसा नहीं हो सकता। यह मामला तो सीएजी ने भी देख लिया, सुप्रीम कोर्ट ने भी देख लिया। विपक्ष दोनों जगह पिट गया तो कहने लगा कि अब पॉलिटिशियन से एप्रूव करवाओ।
सवाल : रोजगार बड़ा मुद्दा है। एनएसएसओ रिपोर्ट कह रही है कि बेरोजगारी दर 45 साल में सबसे ज्यादा है।
जवाब : एनएसएसओ की रिपोर्ट आई ही नहीं है। उसके कुछ अंश हैं। इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर करने वाले जो 108 अर्थशास्त्री थे, वो राजनीतिज्ञ ज्यादा थे। आप तथ्यों पर आइए। अगर 17 करोड़ लोगों ने मुद्रा स्कीम में लोन लिया, 10 हजार किमी हाईवे हर साल बन रहे हैं, अर्थव्यवस्था सबसे तेज है तो क्या यह सब बिना जॉब क्रिएशन के हो रहा है? जमीनी हकीकत देखिए। राजनीति उस पर चलती है, मोटीवेटेड बयानों पर नहीं।
सवाल : तो आपका मतलब है कि रोजगार मुद्दा नहीं है?
जवाब : ये जो डेटा क्वेश्चन होता है न...कौन डेटा इकट्ठा कर रहा है? उसका स्लांट क्या है? आप किसी किसान परिवार के तीन भाइयों से पूछेंगे कि क्या आपके पास रोजगार है तो वो कहेंगे नहीं है। पर जब उनसे पूछेंगे कि जीने के तमाम साधन हैं तो वे कहेंगे हां। दोनों सवालों का डेटा अलग-अलग होगा।
सवाल : रघुराम राजन ने कहा है कि जीडीपी ग्रोथ 7% नहीं हो सकती, क्योंकि रोजगार पैदा नहीं हुए।
जवाब : हमारी सरकार का डेटा ऑथेंटिक है। इसे आईएमएफ भी मानता है, जो मदर ऑफ ऑल डेटा है। कुछ लोगों के अपने-अपने व्यक्तिगत मोटिव्स हो सकते हैं।
सवाल : कांग्रेस को भरोसा है कि उसकी न्यूनतम आय वाली स्कीम गेम चेंजर साबित होने जा रही है।
जवाब : वो है न- दिल खुश करने के लिए गालिब ये ख्याल अच्छा है। नेहरू-गांधी परिवार ने गरीबी के नाम पर सिर्फ राजनीति की है। गरीबी हटाने के लिए असल में मोदी सरकार ने ही काम किया है। मैं इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हूं। कांग्रेस ने राज्यों में किसानों को कर्जमाफी का वादा किया, लेकिन निभाया नहीं। हमने गरीब को साधन दिए हैं।
सवाल : विपक्ष का आरोप है कि पीएम प्रचार मंत्री हो गए हैं। सेना या डीआरडीओ कुछ करे तो पीएम बताते हैं?
जवाब : ये लोग (विपक्ष) मोदी जी के सामने बौने हैं। सर्जिकल स्ट्राइक की ब्रीफिंग आर्मी और एयर स्ट्राइक की ब्रीफिंग विदेश सचिव ने की थी। पीएम ने (ए-सैट) का अनाउंसमेंट किया, क्योंकि इसमें देश का बहुत बड़ा राजनीतिक और डिप्लोमेटिक एफर्ट था कि हम दुनिया को बताएं कि अब भारत की ओर मत देखो। यह ऐलान ज्वाइंट सेक्रेटरी नहीं कर सकता था।
सवाल : एक रिपोर्ट है, जिसके मुताबिक जिस देश में जीएसटी लागू हुआ वहां सरकार चुनाव हार गई।
जवाब : यह वैज्ञानिक तर्क नहीं है। जीएसटी वो तंत्र है, जिसने हिंदुस्तान के डेढ़ साल में 20% इनडायरेक्ट टैक्स कम किए। 90% व्यापारियों को जीएसटी से मुक्त कर दिया।
राजनीतिक पंडित गलत साबित होंगे, क्योंकि वोट गणित नहीं कैमिस्ट्री पर पड़ते हैं |
सवाल : मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और यूपी में भाजपा चोटी पर है। निश्चित तौर पर सीटें कम होनी हैं। उस नुकसान की भरपाई कहां से होगी?
जवाब : 2014 ने आप जैसे पॉलिटिकल पंडितों को गलत साबित किया था। इस बार उससे ज्यादा गलत साबित करेंगे। पूरा पूर्वोत्तर, पूरा बंगाल, पूरा ओडिशा बदलाव करने जा रहा है। दक्षिण में भी हमारे गठबंधन हुए हैं, वहां देखिए जमीनी हालात कितने अलग हैं।
सवाल : मतलब यह कि हिंदी पट्टी के राज्यों का नुकसान इन राज्यों से पूरा हो जाएगा?
जवाब : देखिए, आप गणित में जा रहे हैं। पूरा हिंदुस्तान बदल गया है। हमारे यहां वोट केमेस्ट्री पर पड़ता है, गणित पर नहीं। पिछली बार हमें किसी ने 220 से ज्यादा सीटें नहीं दी थीं। क्योंकि आप लोग गणित लगाते हैं, जबकि मैं कहता हूं कि गणित नहीं केमेस्ट्री देखिए।
सवाल : रफाल मुद्दे पर बार-बार गफलत क्यों हो रही है? पहले सुप्रीम कोर्ट में कहा गया कि गलत हलफनामा दे दिया है। फिर दस्तावेज चोरी की बात कही, फिर उससे सरकार पलट गई। क्यों?
जवाब : वो सरकार की गलती नहीं थी...मीडिया की समझ में गलती थी। सरकार ने कोई गलत हलफनामा नहीं दिया। जजमेंट में कोई टायपोग्राफिकल एरर हो गया तो सरकार ने कहा- इसे सही कर लो। जब कोई तर्क नहीं बचा तो कहा जाने लगा कि सरकार ने गलत हलफनामा दिया था। एटॉर्नी जनरल ने कोर्ट में कहा कि फाइल से फोटो कॉपी लेकर आ गए। कानून की भाषा में इसे स्टोलन डाॅक्यू्मेंट्स ही कहते हैं। अब हमारा मीडिया इतना महारथी है कि उसने कहा कि फाइल गायब हो गई। क्योंकि, ब्रेकिंग न्यूज की परपंरा के बाद न्यूज का ही ब्रेक डाउन हो गया है।
सवाल : जेपीसी जांच की मांग क्यों ठुकरा दी?
जवाब : जेपीसी पॉलिटिकल बॉडी है। वो पॉलिसी इश्यूज में जा सकती है। सिक्योरिटी से जुड़े मुद्दे में ऐसा नहीं हो सकता। यह मामला तो सीएजी ने भी देख लिया, सुप्रीम कोर्ट ने भी देख लिया। विपक्ष दोनों जगह पिट गया तो कहने लगा कि अब पॉलिटिशियन से एप्रूव करवाओ।
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बिग बॉस-12 में इस हफ्ते जेल जाने के लिए घरवालों ने श्रीसंत, शिवाशीष और जसलीन के नाम पर सहमति जताई है. लेकिन इन तीनों कंटेस्टेंट ने काल कोठर...
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韩国瑜从去年当选高雄市长后,在台湾的人气直线上升 ,6月1日“庶民韩粉后援会”在台北举办的造势活动更吸引上万人参加。为何这名原本被台湾政坛遗忘的政治人物,在几个月内快速窜起,且成为目前支持度最高的总统参选人,他背后的死忠“韩粉”(韩国瑜的支持者)又是谁? 过去对参选总统暧昧不...